नई दिल्ली, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद राजीव सातव ने प्याज के निर्यात पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि यह किसानों के लिए कड़ा प्रतिबंध है।
मंगलवार को प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध की सरकार की घोषणा के बाद, सातव ने राज्यसभा में अपनी मांग उठाई।
अचानक लगाए गए प्रतिबंध ने लासलगांव में प्याज उत्पादकों को झकझोर कर रख दिया है, जो देश का सबसे बड़ा थोक बाजार है। कई नेता और किसान इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री व एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने जहां केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की, वहीं लासलगांव में किसानों ने सड़कों पर प्याज को फेंक दिया और शहर के पास मुंबई-आगरा राजमार्ग को जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ नारेबाजी की ।
पवार ने गोयल से मुलाकात के बाद कहा, मैंने प्याज उत्पादकों की दुर्दशा से गोयल को अवगत कराया, जो ज्यादातर छोटे और सीमांत किसान हैं। मैंने उन्हें बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्याज की अच्छी मांग है और हम लगातार फसल का निर्यात करते रहे हैं।
उन्होंने कहा, केंद्र द्वारा अचानक लिया गया निर्णय (प्रतिबंध के लिए) प्याज के विश्वसनीय निर्यातक के रूप में भारत की छवि के लिए एक बड़ा झटका है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अन्य प्याज निर्यातक देशों को इससे लाभ होगा और गोयल से प्याज के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।
गोयल ने कहा कि प्रतिबंध का प्रस्ताव उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय ने घरेलू बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर रखा था, लेकिन आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर अन्य मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श के बाद पुनर्विचार करेंगे।
वीएवी-एसकेपी
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