उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक फर्जी समीक्षा अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को गृह विभाग में तैनात होने की बात बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूलता था। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस के पास कई अहम बातें जालसाज ने बताई हैं। पुलिस इसके बाद सचिवालय समेत अन्य लोगों से पूछताछ करेगी। पकड़े गए आरोपी को हजरतगंज पुलिस आज जेल भेजेगी।
इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय के मुताबिक आरोपित के पास से बड़ी मात्रा में जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मूल रूप से अंबेडकर नगर के इब्राहिमपुर टांडा स्थित अमेदा गांव निवासी प्रेम सागर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर फंसाता था। आरोपित बेरोक-टोक जाली पास के जरिए लोक भवन में अक्सर आता-जाता था। छानबीन में पता चला है कि प्रेम सागर यहां चिनहट में किराए के मकान में रहता था।
आरोपी के पास से फर्जी आईकार्ड बरामद
आरोपित ने मकान मालिक को भी खुद के गृह विभाग में समीक्षा अधिकारी होने की बात कही थी। आरोपित के पास से फर्जी आइकार्ड भी बरामद किया गया है। आरोपित ने अंबेडकरनगर में 40 से अधिक लोगों से नौकरी के नाम पर रुपए लिए हैं। चार साल पहले वह अंबेडकर नगर से भागकर लखनऊ आ गया था। यही नहीं पिछले एक साल से प्रेम सागर हर रोज लोक भवन में गाड़ी से आता था, जिस पर पास चस्पा था।
आरोपी सीसीटीवी कन्ट्रोल रूम में प्रवेश कर गया था। ऑपरेटर ने शक होने पर प्रेम सागर से पूछताछ की तो वह उसे अदब में लेने लगा। इसके बाद ऑपरेटर ने लोक भवन के सुरक्षाकर्मियों व हजरतगंज पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने जब आरोपित से पूछताछ की तो पूरा मामला उजागर हुआ।
प्रेम सागर को लेकर पुलिस कमता स्थित उसके कमरे पर गई, जहां से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपित ने बताया कि उसने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से एडवांस में 50 हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक हड़पे हैं। पुलिस पीड़ितों के बारे में पता लगा रही है।
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