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उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में सही आरक्षण लागू किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को दो दर्जन अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। ओबीसी और एसटी के अभ्यर्थी एससीईआरटी कार्यालय निशांतगंज पहुंचे लेकिन पहले से बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही। शनिवार को 11 बजे पहुंचे सभी अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर दूसरी जगह पहुंचा दिया।

दरअसल, बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश ने बेसिक शिक्षा विभाग में 69000 शिक्षक भर्ती में 31661 पदों को भरने का शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसकी फाइनल सूची लिस्ट आना बाकी है। दैनिक भास्कर ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से उनकी मांगों को लेकर बात की।

सहायक अध्यापक अभ्यर्थियों ने ओबीसी-एसटी के आरक्षण को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यार्थियों की मांग है कि आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया है। आरक्षण को लेकर ओबीसी आयोग की तरफ से स्टे लिया गया है। उनको बिना संतुष्ट किए कोई भी प्रक्रिया न की जाए लेकिन आयोग को नहीं सुना गया। सरकार फिर भी 69 हजार शिक्षक भर्तियों में 31 हजार 661 का भर्ती का जिओ किया जारी है। प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों की भर्ती में आरक्षण को लेकर नियम के अनुसार कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों को बसों से ले जाती पुलिस।
प्रदर्शनकारियों को बसों से ले जाती पुलिस।

प्रदर्शनकर्मियों ने बताया- क्या है पूरा मामला, क्या कर रहे हैं मांग
आशीष कुमार यादव का कहना है कि एमआरसी और आरक्षण के नियमों को सही से लागू किया जाए। जैसा कि अभी जो लिस्ट आयी थी उसमें आरक्षण के नियमों का सही से पालन नहीं किया गया है। इसको लेकर हमने विभाग में शिकायत भी की है। हमारा ये निवेदन है सभी आरक्षण नियमों का सही से पालन किया जाए। हमने पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत थी लिस्ट को लेकर इसके बाद इस सूची पर रोक लगा दी गई थी। सरकार ने पुरानी सूची पर स्टे होने के बावजूद नई सूची जारी कर दी है।

प्रदर्शनकारियों
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बस से दूसरी जग पर ले जाया गया।

वहीं रवींद्र बघेल के अनुसार चयन सूची की पुरानी लिस्ट पर स्टे होने के बावजूद 69000 पदों को नई सूची जारी की गई। कोर्ट ने ऑर्डर दिया था- जब तक पुरानी सूची पर कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक सरकार नई सूची नहीं जारी कर सकती। रंजीत बघेल ने बताया कि जनवरी 2019 में 69000 का पेपर हुआ। जिसके बाद से हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चार बार मामला सुनवाई हो चुका है। मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में मामले की आरक्षण को लेकर सुनवाई का ऑर्डर रिजर्व है।



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अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन करते सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी।


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