-->



Theme Layout

Theme Translation

Trending Posts Display

Home Layout Display

Posts Title Display

404

We Are Sorry, Page Not Found

Home Page

28 साल बाद लखनऊ सीबीआई की विशेष अदालत बाबरी विध्वंस मामले में आज फैसला सुनाने जा रहा है। उससे पहले बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी का बड़ा बयान आया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले से संतुष्टि नही हुई तो हम मामले को लेकर हाईकोर्ट में जाएंगे।

हमारे पास ऑप्शन मौजूद

जिलानी ने बातचीत में कहा कि हमारे पास ऑप्शन है। राममंदिर का फैसला हम देख चुके हैं और उससे संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। जफरयाब जिलानी कहते हैं कि जो भी पक्ष संतुष्ट नहीं होगा, वह हाईकोर्ट का रुख करेगा।

अदालती प्रक्रिया में शामिल होना चाहते थे, लेकिन कोर्ट ने अनुमति नहीं दी

जफरयाब जिलानी ने बताया कि 21 अगस्त को हमारी तरफ से वकील ने केस में इंटरवीन कर एप्लिकेशन कोर्ट में डाली, लेकिन वह एप्लिकेशन 25 अगस्त को कोर्ट ने यह कहकर खारिज कर दी कि हम लगभग सुनवाई पूरी कर चुके हैं। ऐसे में हम कोई नया पक्ष नही सुन पाएंगे। चूंकि केस स्टेट वर्सेस पवन पांडेय चल रहा है। तो हम केस में केवल सीबीआई के वकील को असिस्टेंस ही देते। बहरहाल, अब हम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

जरूरत पड़ी तो मथुरा केस में भी इंटरवीन करेंगे

जफरयाब जिलानी कहते है कि नवम्बर 2019 में जब राममंदिर का फैसला आया तो उसके बाद बाबरी एक्शन कमेटी की बैठक हुई। उसमें तय हुआ कि बाबरी एक्शन कमेटी को भंग नहीं किया जाएगा। बल्कि और कहीं इस तरह का मामला उठता है तो हम उसे प्रोटेक्ट करेंगे। उन्होंने बताया कि मथुरा केस में याचिका दायर हुई है। हम अभी उसे देख रहे हैं। अगर वहां 6 दिसंबर 1992 जैसी कोई घटना होने का अंदेशा होता है तो हम हस्तक्षेप करेंगे।

2022 चुनाव की तैयारी है मथुरा मामला

जफरयाब जिलानी कहते है कि अभी जो मथुरा जन्मभूमि का मामला उछला है वह बहुत सोच समझ कर उछाला गया है। सामने 2022 का इलेक्शन है। ऐसे में राजनीति के लिए कुछ तो चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने अयोध्या में ताला खुलवाया लेकिन तोड़ा तो नहीं। 1989 में भाजपा आई है और 1992 में मस्जिद तोड़ दी गयी। ऐसे में भाजपा और आरएसएस क्या कर दे कुछ पता नहीं।

क्या है बाबरी एक्शन कमेटी?

4 जनवरी 1986 को बाबरी एक्शन कमेटी का गठन 200 लोगों की मौजूदगी में हुआ। तब जफरयाब जिलानी और आजम खां इसके संयोजक बनाए गए, साथ ही मौलाना मुजफ्फर हुसैन को अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद बाबरी विध्वंस मामले को लेकर कमेटी हिंदू संगठनों के प्रति अपना विरोध भी दर्ज कराने लगी। इसके बाद 1994 से 2019 तक राममंदिर केस को हाईकोर्ट से ले सुप्रीमकोर्ट तक बखूबी लड़ा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
बाबरी एक्शन कमेटी के संयोजक और आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य जफरयाब जिलानी।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/33cvqLu