-->



Theme Layout

Theme Translation

Trending Posts Display

Home Layout Display

Posts Title Display

404

We Are Sorry, Page Not Found

Home Page

साउथ अफ्रीका की ओलिंपिक 800 मीटर चैम्पियन कैस्टर सेमेन्या अब महिलाओं के साथ नहीं दौड़ सकेंगी। वे मंगलवार को स्विट्जरलैंड की सुप्रीम कोर्ट में केस हार गई हैं। कोर्ट ने उनके शरीर में मौजूद मेल हार्मोन कम करने के लिए इलाज कराने के आदेश दिए हैं।

पिछले साल द कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (खेल पंचाट) ने सेमेन्या को हार्मोन कम कराने के आदेश दिए थे। खेल पंचाट ने कहा था कि सेमेन्या को शरीर में रिसने वाले मेल हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन को दवा लेकर कम कराना होगा। सेमेन्या ने इस फैसले के खिलाफ स्विस कोर्ट में अपील दायर की थी, जो अब खारिज हो गई है।

मैं खुद को नहीं बदलूंगी: सेमेन्या
सेमेन्या ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। उन्हें पता है कि यदि वे हार्मोन कम नहीं करेंगी, तो अगले साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिक में शामिल नहीं हो सकेंगी। इसके बावजूद उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस तरह के नियम को लेकर सहमत नहीं हूं। मैं वर्ल्ड एथलेटिक्स के ड्रग्स (हार्मोन कम करने की दवा) लेने के आदेश को नहीं मानती। मैं जो भी हूं, ठीक हूं। खुद को नहीं बदलूंगी।’’

सेमेन्या के शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा ज्यादा
सेमेन्या ओलिंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स में 2-2 और वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 3 गोल्ड जीत चुकी हैं। कैस्टर 2009 में पहली बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप में दौड़ी थीं। इसके बाद आईएएएफ ने कैस्टर का जेंडर टेस्ट कराया था। टेस्ट में पता चला कि उनके शरीर में रिसने वाले टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन की मात्रा बहुत ज्यादा है।

पुरुष कैटेगरी में दौड़ने की मंजूरी मिली थी
टेस्ट रिपोर्ट के बाद फेडरेशन ने कैस्टर के वुमन कैटेगरी में दौड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था। फेडरेशन ने कहा था कि अगर सेमेन्या रनिंग करना चाहती हैं, तो उन्हें पुरुष कैटेगरी में दौड़ना होगा या फिर उनको मेडिकल प्रोसेस के जरिए शरीर का टी-लेवल (टेस्टोस्टेरॉन लेवल) कम कराना होगा।

भगवान का दिया हुआ शरीर है, हार्मोन कम करने की दवा नहीं लूंगी
सेमेन्या ने खेल पंचाट के आदेश के बाद कहा था, ‘‘मुझे भगवान पर भरोसा है। ये जिंदगी भगवान की दी हुई है। जिंदगी में क्या होना है, ये भी वही तय करेगा। जब वो चाहेगा, मेरा करिअर खत्म हो जाएगा। लेकिन जब तक वो नहीं चाह रहा, तब तक कोई इंसान मुझे रोक नहीं सकता। मेरा ये शरीर भी भगवान का दिया है, मैं किसी के भी कहने पर अपने शरीर के किसी भी हार्मोन को कम कराने के लिए कोई दवा नहीं लूंगी। हरगिज नहीं।’’

पुरुषों के शरीर में होता है टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन
टेस्टोस्टेरॉन मेल हार्मोन है। यह पुरुषों के शरीर में ही होता है। इसकी मात्रा 300 से 1000 नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर के बीच हो सकती है। टी-लेवल से मूड, शारीरिक और मानसिक सक्रियता तय होती है। महिलाओं में इसकी मात्रा 20 से 30 होती है। सेमेन्या के शरीर में यह टी-लेवल बढ़कर 400 से 500 के बीच पहुंच गया है। इसी वजह से वे अन्य महिला एथलीट्स से जेनेटिक रूप से काफी ज्यादा मजबूत हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कैस्टर सेमेन्या ने कहा था- मेरा यह शरीर भगवान ने दिया है। मैं किसी के भी कहने पर हार्मोन को कम कराने के लिए कोई दवा नहीं लूंगी। -फाइल फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bGKvHM