उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में लंभुआ से भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने जिले की डीएम सी. इंदुमति के विरुद्ध पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने मुख्यमंत्री को एक और पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने डीएम को हटाने की मुख्यमंत्री से मांग किया है। विधायक ने अपनी चिट्ठी में कोरोना इलाज के लिए खरीदे उपकरणों के दाम में भ्रष्टाचार होने की भी बात कही है।
विधायक देवमणि द्विवेदी ने लिखा है कि मुख्यमंत्री से शिकायत करने के बाद डीएम सुल्तानपुर ने उन्हें झूठा साबित करने का प्रयास किया। भ्रष्टाचार की शिकायत के बावजूद जिलाधिकारी ने भुगतान पर कोई रोक नहीं लगाई, ऐसे में उनकी मंशा संदिग्ध है।
विधायक का दावा है कि कोविड किट की खरीद में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से सही हैं इससे सरकार की छवि को नुकसान भी पहुंच रहा है। इसके अलावा सुलतानपुर के डीएम मीडिया में गलत बयान भी दे रहे हैं। विधायक ने पत्र में यह भी कहा है कि डीएम अगर अपने पद पर बनी रही हैं, तो इससे जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं हो सकेगी।
कोविड किट खरीद में भ्रष्टाचार की जांच पहले भी कर चुके हैं
कोरोना किट में खरीद के भ्रष्टाचार मामले में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव पंचायती राज को पत्र लिखकर मामले की जांच कराकर आख्या उपलब्ध कराने को कहा है। सुल्तानपुर के लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि डीएम सी इंदुमति ने ऑक्सीमीटर और आईआर थर्मामीटर की किट खरीद में भ्रष्टाचार किया है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायतों में शासनादेश है कि 2800 रुपये में किट खरीदी जाए लेकिन इसके स्थान पर डीएम ने 9950 रुपये में यह किट खरीदने की गांव की पंचायतों पर दबाव बनाया। किट आपूर्ति करने वाली फर्म को डोंगल लगवाकर भुगतान भी करा दिया गया।
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