हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित बलात्कार व उसका शव जबरन आधी रात जलाए जाने को लेकर देशभर में उबाल है। लेकिन इस बीच मुख्य आरोपी संदीप व मृतका के भाई के बीच फोन कॉल्स को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दोनों के बीच 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक 104 बार और करीब 5 घंटे बात हुई, जबकि दोनों के घर 200 मीटर की दूरी पर ही हैं। 62 कॉल संदीप ने तो 42 कॉल पीड़िता के भाई ने एक दूसरे को किए हैं। फिलहाल कॉल डिटेल की सीडीआर के दो पन्ने का पीडीएफ दैनिक भास्कर के पास है। यह पीडीएफ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, हालांकि इस डिटेल की किसी भी अधिकारी और जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल जांच में लगी टीम के सूत्रों का दावा है कि पीड़िता के भाई का फोन उसकी पत्नी इस्तेमाल करती थी, इसी फोन से पीड़िता और संदीप के बीच बातचीत का दावा किया जा रहा है। हाथरस कांड में फोन कॉल रिकॉर्ड से नया मोड़ आ गया है। कॉल डिटेल की सीडीआर में यह पाया गया है कि दोनों के बीच हुई बातचीत में करीब 60 कॉल रात के समय का होना बताया जा रहा है। फिलहाल एसआईटी को 10 दिन का समय गृह विभाग ने जांच करने के लिए और दिया है।
पहचान उजागर करने पर ट्विटर, वेबसाइटों पर एफआईआर दर्ज
थाना चंदपा, हाथरस में हत्या एवं बलात्कार मामले में एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर द्वारा की गयी शिकायत पर ट्विटर तथा शिकायत में अंकित वेब साइटों पर धारा 228ए आईपीसी और 72 आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। 29 सितंबर को भेजी अपनी शिकायत में नूतन ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्वीटर पर पीड़िता का नाम लिए जाने, उसके नाम से ट्विटर पर विभिन्न हैशटैग चलाए जाने, पीड़ित की फोटो और विडियो शेयर किए जाने आदि के संबंध में विधिक कार्यवाही की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पीड़ित की फोटो के साथ ही उसकी पहचान को उजागर करते कई वीडियो भी यूट्यूब पर डाले गए हैं। उन्होंने कहा था कि धारा 228ए आईपीसी के अनुसार रेप पीडित की पहचान का प्रकटीकरण दंडनीय अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने भी निपुण सक्सेना केस में स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में रेप पीड़ित की पहचान नहीं उजागर की जाए। चंदपा थाना ने आज नूतन को अवगत कराया कि कल 6 अक्टूबर को इस सम्बन्ध में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। मृतका के वास्तविक फोटो, विडियो साइटों से हटवाने को रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई।
इस मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। उधर, यूपी सरकार इस मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।
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