उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के दुर्जनपुर में गुरुवार को अफसरों के सामने ग्रामीण की हत्या का आरोपी धीरेंद्र सिंह की पुलिस को तीसरे दिन भी तलाश है। अब पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया है। इसके साथ आजमगढ़ रेंज के डीआईजी सुभाष चंद दुबे ने 6 नामजद फरार आरोपियों पर भी 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। सभी आरोपियों पर गैंगस्टर और एनएसए के तहत भी कार्रवाई होगी।
इधर, बलियाकांड के आरोपी धीरेंद्र का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें उसने खुद को बेकसूर बताया है और पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया। आरोपी ने कहा- अधिकारियों को पत्र देकर कहा था कि बिना सुरक्षा के बैठक करना ठीक नहीं है। अधिकारियों ने प्रधान से पैसा लेकर बैठक कराई।
आरोपी ने हिंसा के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया
आरोपी धीरेंद्र सिंह ने वीडियो में आरोपों का खंडन किया और हिंसा के लिए प्रशासन को दोषी ठहराया। उसने कहा- "मुझे नहीं पता कि किसने गोली चलाई। मैं अपने परिवार को बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहा था। वे वहीं खड़े रहे और देखते रहे। मैं एक सैनिक हूं। मैंने हमेशा अपने देश की सेवा करने में विश्वास किया है। मैं मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच के लिए आग्रह करता हूं।
धीरेंद्र ने कहा कि मैंने बैठक के लिए पर्याप्त सुरक्षाबल के लिए अनुरोध किया था। इसकी अनदेखी के लिए स्थानीय अधिकारियों और पुलिस दोषी है। उसने कहा- मेरे वृद्ध पिता कल हंगामे में गिर गए। मेरे परिवार को लाठियों से पीटा गया। मुझे वीडियो में पिटते हुए देखा गया। मैं एक राजपूत हूं। मैंने गर्व से 18 साल तक सेना की सेवा की। मैं खुद को मुक्त करने और भागने में कामयाब रहा। वे मुझे वहां पीट-पीटकर मारना चाहते थे।
धीरेंद्र ने कहा- कल बैठक के लिए बहुत सारे शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। मैंने पहले ही उन्हें आगाह कर दिया था कि हिंसा होने वाली हैं। लेकिन वे बैठक करते रहे। अधिकारी हिंसा में शामिल थे। उन्होंने पैसे ले लिए।
विधायक सुरेंद्र सिंह ने किया आरोपी का बचाव
घटना सामने आने के बाद एक भाजपा विधायक ने आरोपी का बचाव किया था। उनका तर्क था कि आरोपी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे ग्रामीण की मौत हो गई।
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