उत्तर प्रदेश में बलिया के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान को लेकर हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ सामने आया है। मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह के परिवार वालों की क्रास एफआईआर दर्ज न होने से जिला प्रशासन को आत्मदाह की चेतावनी दी है। यह चेतावनी खुद आरोपी की भाभी आशा प्रताप सिंह ने दी है। उन्होंने कहा कि अगर आज शाम पांच तक हमारी एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो घर की 7 औरतें घर में ही आत्मदाह कर लेंगी। इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। इस चेतावनी के बाद पुलिस और जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं, तमाम लोग परिवार को ऐसा न करने के लिए मनाने पहुंच रहे हैं। लेकिन, महिलाएं किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं।
धीरेंद्र को रिमांड पर लेकर पुलिस कर रही पूछताछ
पुलिस ने मुख्य आरोपी धीरेंद्र को रिमांड पर ले रखा है। गुरुवार को उससे रेवती थाने के प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह ने बंद कमरे में पूछताछ की थी। अधिवक्ता बृजेश सिंह थाने पर साथ रहे। बंद कमरे में आवश्यक पूछताछ करने के बाद पुलिस दुर्जनपुर स्थित उसके आवास पर ले गई। आवास पर पहुंचते ही घर की महिलाएं आरोपी से लिपट कर रोने लगीं। दरअसल, बलिया के सीजेएम कोर्ट ने बुधवार को तीन दिन की पुलिस रिमांड स्वीकार कर ली थी, जो आज पूरी हो रही है।
ये था मामला
बलिया जिले के रेवती थाना इलाके के दुर्जनपुर गांव के पंचायत भवन में 15 अक्टूबर को हनुमानगंज और दुर्जनपुर की कोटे की दुकानों के चयन को लेकर खुली बैठक की जा रही थी। इस दौरान विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों में तनातनी शुरू हो गई। प्रशासन के विरोध में नारेबाजी हुई। देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे। इस दौरान पुलिस के सामने ही धीरेंद्र ने फायरिंग कर दी। इससे जयप्रकाश पाल (45) की गोली लगने से मौत हो गई। मामले में धीरेंद्र समेत 8 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के 72 घंटे के बाद यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था।
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