चंडीगढ़, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। कुछ समय के लिए पंजाब में राजनीतिक परिदृश्य से गायब होने के बाद क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने आखिरकार सोमवार को यहां विधानसभा सत्र के उद्घाटन के दिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
राज्य सरकार ने एक दिन के बजाय दो दिनों के लिए विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों को नकारने के लिए राज्य द्वारा कानून बनाने के मुद्दे पर चर्चा होगी।
पिछले जुलाई में पंजाब के राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद से राजनीति गलियारे में ज्यादा नजर नहीं आने वाले सिद्धू ने विधानसभा पहुंचने से पहले अपने मित्र और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और विधायक परगट सिंह से मुलाकात की।
लेकिन सिद्धू ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ अभिवादन का आदान-प्रदान नहीं किया। हालांकि, उन्हें अपने अन्य पार्टी के दूसरे सहयोगियों के साथ कुछ समय बातचीत करते देखा गया।
सिद्धू ने आखिरी बार फरवरी 2019 में विधानसभा सत्र में भाग लिया था।
पोर्टफोलियो आवंटन को लेकर मुख्यमंत्री से मतभेद के बाद कांग्रेस के नेता ने 14 जुलाई, 2019 को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था। सिद्धू स्थानीय निकायों के प्रभारी थे लेकिन उन्हें ऊर्जा विभाग में शिफ्ट कर दिया गया था।
पिछले महीने, सिद्धू ने अपने गृहनगर अमृतसर की सड़कों पर संसद द्वारा पारित काले कृषि कानूनों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन शुरू करके लोगों के साथ अपने संपर्क को फिर से शुरू किया।
उन्होंने तीन कृषि कानूनों के बारे में भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वे कृषक समुदाय को बर्बाद कर देंगे।
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