हाथरस में दलित युवती के साथ गैंगरेप और मौत की घटना के बाद उत्तर प्रदेश में जातीय दंगे भड़काने की साजिश का खुलासा हुआ है। इंटेलीजेंस से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस का दावा है कि घटना के बाद रातों-रात एक वेबसाइट 'जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम' बनाई गई। इसके जरिए मुख्यमंत्री योगी के गलत बयान प्रसारित किए गए, ताकि माहौल बिगड़े। लेकिन इसके खुलासे के बाद कांग्रेस और सपा सत्ताधारी दल भाजपा पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने इसे फर्जी और हास्यास्पद करार दिया है। कहा कि इससे भाजपा का दलित चेहरा सामने आया है। वहीं, सपा ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ अपने पुराने रास्ते पर लौट रहे हैं। लोग सावधान रहें। सीएम योगी और उनकी टीम द्वारा होने वाले दंगों को रोकने के लिए समाजवादी बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार रहें।
बाराबंकी में अपने आवास पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर पीएल पुनिया ने कहा कि खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट फर्जी और हास्यास्पद है। उनके अधिकारी नहीं मानते कि हाथरस की दलित बेटी के साथ रेप हुआ। मेडिकल जांच 12 दिन बाद कराया गया। पीड़ित परिवार के तमाम तरह के आरोपों से अब जब भाजपा बैकफुट पर पहुंच गई है, तब ऐसी कहानी गढ़ी जा रही है। इससे भाजपा का असली दलित विरोधी चेहरा सामने आ गया है।
नेता प्रतिपक्ष और सपा के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सूबे के लोग योगी आदित्यनाथ के पुराने रिकॉर्ड को याद करें। उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री खुद पर लगे केसों को वापस नहीं लिया होता तो वह आज इस बड़ी कुर्सी की जगह खुद कानून की गिरफ्त में होते। मुख्यमंत्री कानून का राज स्थापित करने की जगह कानून की मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं। इसे लेकर केवल विपक्ष नहीं, पक्ष के भी संवेदनशील और समझदार लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है।
जनता को होशियार रहने की जरूरत
चौधरी ने कहा कि सूबे के लोग इस समय केवल एक मांग कर रहे हैं कि सूबे में कानून व्यवस्था का शासन बहाल हो, बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। लोगों की इस मांग को समाजवादी पार्टी और विपक्ष मुख्यमंत्री योगी तक पहुंचाना चाहता है। लेकिन इस आवाज को सुनना ही नहीं चाहते हैं। विपक्ष की आवाज बर्बर, दमन और गिरफ्तारी के बल पर कुचल देने की कोशिश की जा रही है। इस स्थिति से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए अचानक मुख्यमंत्री को दंगा-दंगा खेलने के अपने पुराने खेल का बोध हुआ है। जिसे कुछ लोगों और विपक्ष पर आरोप के बहाने उन्होंने व्यक्त कर दिया है। इसे लेकर सूबे के हर संवेदनशील और समझदार आदमी को सावधान रहने की जरूरत है। मुख्यमंत्री अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए अपनी पार्टी के लोगों को उकसा कर जातीय और साम्प्रदायिक दंगा कराने की साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जनता होशियार रहे।
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