उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित लड़की के साथ हुए गैंगरेप कांड में एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम मंगलवार को बूलगढ़ी गांव पहुंच गई है। सीबीआई की टीम क्राइम सीन को रिक्रिएट करके सबूत इकट्ठा करने की कोशिश करेगी। इससे पहले सीबीआई ने हाथरस के मुख्य आरोपी के खिलाफ गैंगरेप, हत्या का प्रयास और हत्या के साथ एससी-एसटी ऐक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
उधर पीड़िता के पिता की तबियत बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के पिता का अचानक बीपी बढ़ गया है। रात में ही वह परिवार के साथ लखनऊ से लौटे हैं। सीएमओ ब्रजेश राठौर गांव पहुंचे। हालात खराब होने पर पीड़िता के पिता को ले जाया जा सकता है।
सीबीआई की जांच टीम के पहुंचने से पहले ही गांव के अंदर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। सीबीआई ने इस केस और घटना से जुड़े सभी अहम कागजात और केस डायरी को भी खंगाला है।
कोर्ट से आरोपियों की रिमांड मांगेगी सीबीआई
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद सीबीआई कोर्ट से चारों आरोपियों की कस्टडी की मांग करेगी और उनसे पूछताछ करेगी। सीबीआई आरोपियों के साथ ही पीड़िता के परिवार से भी पूछताछ कर सकती है। सीबीआई पीड़िता की मां से मैजिस्ट्रेट के सामने बयान देने को भी कह सकती है क्योंकि वह मामले की मुख्य गवाह हैं।
हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सीबीआई टीम ने जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और केस डायरी सहित केस से जुड़े डॉक्युमेंट्स मांगे थे। वहीं एक सीनियर पुलिसकर्मी ने बताया कि जांच के लिए सीबीआई के 15 अधिकारियों के अगले कुछ हफ्ते हाथरस में रहने की संभावना है।
पीड़ित परिवार की हाईकोर्ट से मांग
इससे पहले सोमवार को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में गैंगरेप पीड़िता के जबरन अंतिम संस्कार पर सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़िता के परिवार के बयान लिए गए। कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार भी लगाई। पीड़ित परिवार ने ट्रायल को यूपी से बाहर शिफ्ट करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि जब तक उनकी बिटिया को न्याय नहीं मिल जाता, वे अस्थि विसर्जन नहीं करेंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3lEDUkJ