उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के विनयपुर मस्जिद में हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्री के जाप का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इसकी इजाजत देने वाले मौलाना अली हसन को मस्जिद से निकाल दिया है। बुधवार को गुपचुप ढंग से हुई मुस्लिम समाज की बैठक में यह फैसला लिया गया। मस्जिद से निकाले जाने के बाद मौला अली हसन गांव छोड़कर गाजियाबाद के लोनी चले गए हैं।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार को बीजेपी नेता मनुपाल बंसल ने मौलाना अली हसन से आपसी सौहार्द और भाईचारा के लिए मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद मनुपाल बंसल ने सिर्फ हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का जाप किया बल्कि इसका लाइव प्रसारण भी सोशल मीडिया पर किया गया। कहा जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद मुस्लिम समाज में मौलाना अली हसन को लेकर नाराजगी थी। इसके बाद मौलाना को मस्जिद से निकाल दिया। उधर, मनुपाल बंसल का कहना है कि यह गलत है। मौलाना ने तो भाईचारे का संदेश दिया था।
मौलाना ने बंसल के खिलाफ कार्रवाई से किया था इंकार
इससे पहले मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में मौलाना अली हसन ने मनुपाल बंसल के खिलाफ कार्रवाई से मना कर दिया था। पुलिस को दिए गए बयान में मौलाना ने बंसल पर कार्रवाई की बात से इनकार किया। मौलाना का कहना है कि युवक गांव का ही रहने वाला है और परिचित हैं इसलिए वह कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
मथुरा के नंदबाबा मंदिर में पढ़ी गई थी नमाज
मथुरा स्थित नंदगांव के प्रसिद्ध नंदबाबा मंदिर में नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है। इसके फोटो वायरल होने के बाद मंदिर प्रशासन ने चार लोगों पर केस दर्ज कराया है। मंदिर को गंगाजल से भी धोया गया। घटना 29 अक्टूबर की बताई जा रही है। कोरोना की वजह से मंदिर में भीड़ कम थी। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि मंदिर में नमाज पढ़ने वाले दिल्ली की खुदाई खिदमतगार संस्था के लोग हैं।
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