अमरावती, 1 नवंबर (आईएएनएस) आंध्र प्रदेश ने रविवार को अपना स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने यहां ताडेपल्ली में अपने आधिकारिक निवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
मुख्यमंत्री ने पुलिस दल से सलामी ली और स्वतंत्रता सेनानी पोट्टि श्रीरामुलु की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
कोविड-19 महामारी को देखते हुए मुख्य आधिकारिक उत्सव को साधारण तरीके से मनाया गया।
समारोह में मुख्य सचिव नीलम साहनी, पुलिस महानिदेशक गौतम सवांग और कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए जगन रेड्डी ने याद किया कि पोट्टि श्रीरामुलु के सर्वोच्च बलिदान के कारण 1 नवंबर, 1956 को आंध्र प्रदेश अस्तित्व में आया था।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जो इतने बलिदानों के बाद बना है और एकमात्र ऐसा राज्य भी है जिसे विश्वासघात मिला है। यहां उन्होंने जाहिर तौर पर साल 2014 में तेलंगाना राज्य बनने की ओर इशारा किया।
रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अभी भी 32 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार ने 17 महीने पहले पदभार संभालने के बाद सभी वर्गों के लोगों के कल्याण और गांवों के परिवर्तन के लिए कई उपाय किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जाति, समुदाय, क्षेत्र और पार्टी की संबद्धता के आधार पर बिना किसी पूर्वाग्रह के अच्छे और भ्रष्टाचार मुक्त शासन को सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की।
जगन रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार अपनी सर्वांगीण प्रगति के लिए कई कदम उठा रही है और सभी को शिक्षा और स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए योजनाओं को लागू कर रही है।
आंध्रप्रदेश के विभाजन के बाद से यह दूसरा साल है जब राज्य 1 नवंबर को स्थापना दिवस मना रहा है।
गौरतलब है कि 1 नवंबर, 1956 को आंध्र प्रदेश का निर्माण तत्कालीन आंध्र राज्य और हैदराबाद राज्य के विलय के साथ हुआ।
हालांकि साल 2014 में एक पृथक आंध्रप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बनने के बाद चंद्रबाबू नायडू ने 2 जून को अपना स्थापना दिवस मनाने का फैसला लिया था, लेकिन जगन सरकार ने स्थापना दिवस मनाने के लिए 1 नवंबर की तारीफ पुन: निश्चित की।
एमएनएस-एसकेपी
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