भगवान सूर्य की उपासना का छठ पर्व उदयी-मान सूर्य को शनिवार सुबह अर्घ्य देने के साथ पूर्ण हुआ। भगवान सूर्य और मां गंगा धरती के प्रत्यक्ष देवी, देवता है। पूरे विश्व मे कोरोना महामारी चरम पर है। भक्तों में विश्वास है कि सूर्य अपने तेज से महामारी को खत्म कर देंगे। अस्सी, राजघाट, दशाश्वमेध, शिवाला, अहिल्याबाई, मान-महल, भदैनी समेत BLW के सूर्य सरोवर में आस्था का कुंभ देखने को मिला।
गंगा घाटों पर पुलिस बोट से गश्त के साथ ड्रोन से नजर रख रही थी
शीतला घाट, दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं के हुजूम को देखते हुए मार्ग को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा। लोक आस्था के महापर्व पर लोगो मे एक कामना थी कि सुख समृद्धि के साथ विश्व से महामारी खत्म हो। छोटे छोटे कुंडों, तालाबों में भी महिलाओं ने पूजन किया। कई स्थानों पर लोग ढोल नगाड़ों के साथ घाट पहुंचे।
श्रद्धालु मोहिनी सिंह ने बताया 6 महीने दुनियां ने बहुत बड़ी विपत्ति को झेला है। पहली बार मंदिर के कपाट तक बंद कर दिए गए। भक्त और भगवान के बीच दूरी बनी। छठ बहुत ही कठिन पर्व है। यही कामना है कि महामारी जल्दी से खत्म हो। मनोज यादव ने बताया घाटों का दृश्य देखकर यही लगा मां गंगा और सूर्य देव के आशीर्वाद से जिंदगी पटरी पर लौट आई है।
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