उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप और हत्या के बाद हिंसा फैलाने की साजिश के आरोप में पकड़े गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के चार सदस्यों में से दो सदस्यों की जमानत के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दशम) की अदालत में लगाई गई अर्जी पर आज सुनवाई होगी।
PFI के चार सदस्यों मसूद अहमद निवासी बहराइच, आलम निवासी रामपुर, अतीकुर्रहमान निवासी मुजफ्फरनगर और कप्पन सिद्दीकी निवासी केरल को कार में दिल्ली से हाथरस जाते समय थाना मांट पुलिस ने हाथरस में हिंसा फैलाने की साजिश के आरोप में पकड़ा था। ये चारों कार से हाथरस जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि इनकी कार से भड़काऊ साहित्य मिला था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उन्होंने PFI एवं CFI सदस्य होने की जानकारी दी थी।
दो सदस्यों ने लगाई जमानत की अर्जी
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी मथुरा के जेल में बंद है। इनमें से दो सदस्यों मसूद अहमद और आलम की जमानत के लिए जिला न्यायाधीश की अदालत में अर्जियां लगाई गई थीं जिन्हें सुनवाई के लिए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दशम) की अदालत में बुधवार को ट्रांसफर कर दिया। इस मामले की जांच राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कर रहा है।
हाथरस गैंग रेप मामले में दंगा भड़काने और दंगाइयों को फंडिंग के आरोप में मथुरा की मांट थाना पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे से गिरफ्तार किया था। बुधवार को मथुरा CJM अंजू राजपूत ने STF की याचिका पर 48 घण्टे के लिए पूछताछ का समय दिया था।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2JCExxI