पाकिस्तान की जेल में 13 साल गुजारने के बाद रिहा होकर भारत लौटा सोनू सिंह आखिरकार शनिवार की रात अपने घर ललितपुर पहुंच गया। वह 26 अक्टूबर को पाकिस्तान से अमृतसर पहुंचा था। ललितपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, कई राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व परिवार के लोगों ने फूल माला पहनाकर सोनू का स्वागत किया। स्वदेश लौटने के बाद परिजन एक माह से उसकी घर वापसी का इंतजार कर रहे थे।
16 साल पहले घर से लापता हुआ था सोनू सिंह
थाना मड़ावरा के ग्राम सतवांसा निवासी सोनू सिंह साल 2004 में घर से लापता हो गया था। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। पिता रोशन सिंह ने बताया कि उसे काफी खोजा गया था, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। कुछ साल बाद उन्होंने सोनू सिंह के घर वापस आने की उम्मीद छोड़ दी थी। अचानक उन्हें तब सूचना मिली जब सोनू सिंह के बारे में परिवार से जानकारी मांगी गई। तब पता चला कि उनका पुत्र पाकिस्तान की जेल में 13 साल रहा, जहां से उसे 26 अक्टूबर को रिहा कर भारत के हवाले कर दिया गया। वर्तमान में उसे अमृतसर के कम्युनिटी सेंटर में रखा गया। पिता रोशन सिंह अपने चचेरे भाई उदय सिंह के साथ पुत्र को लेने 21 नवंबर को अमृतसर पहुंचे थे, लेकिन कुछ कागजी खानापूर्ति के चलते उन्हें पुत्र को नहीं सौंपा गया था।
करीब 10 दिन बाद सोनू सिंह परिवार को सौंपा गया। इसके बाद प्रशासन की दो सदस्यीय टीम मड़ावरा थाने के SI विष्णु कुमार और कानूनगो रहीम खान व पिता ललितपुर से अमृतसर 3 दिसंबर को रवाना हुए। इसके बाद सोनू सिंह 16 साल बाद ललितपुर की अपनी जन्मभूमि पर वापस आया है।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का दिया गया था प्रलोभन
सोनू सिंह ने बताया कि वह पाकिस्तान कैसे पहुंच गया, यह उसे याद नहीं है। लेकिन उसे पाकिस्तान में बहुत मारा पीटा गया और अलग-अलग जेलों में रखा गया और उससे पाकिस्तान के लिए जासूसी करने को कहा गया। यहां तक कहा गया कि पैसा उसके घर पर पहुंचा दिया जाएगा। उसने बताया कि 13 साल तक वह पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में रहा। पिता रोशन सिंह पुत्र के वापस आ जाने पर बहुत खुश हैं और उनकी खुशी के आंसू छलक रहे हैं।
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