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उत्तर प्रदेश में पुलिस को 'दाग' अच्छे लगते हैं। बिकरु कांड के बाद इसकी हकीकत सबके सामने आई थी। दैनिक भास्कर ने 2020 में अब तक कितने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर विभाग ने एक्शन लिया, इसकी पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साल 2019 में जहां महज 106 दागी पुलिसकर्मियों पर एक्शन लिया गया था, वहीं 2020 में जनवरी से अक्टूबर माह के बीच 1938 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। कार्रवाई का आधार विवेचना में दुर्व्यवहार, कर्तव्य पालन में लापरवाही और भ्रष्टाचार बताया गया। साल खत्म होते-होते कार्रवाई का आंकड़ा और बढ़ सकता है। कारण बिकरु कांड में दोषी मिले करीब 40 पुलिस कर्मियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।

12 मामलों में पुलिसकर्मियों पर हुई FIR
DGP मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो कांस्टेबल से इंस्पेक्टर रैंक तक के 263 पुलिसकर्मियों को जनवरी और अक्टूबर‚ 2020 के बीच सार्वजनिक रूप से और शिकायतकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार में शामिल पाया गया। जिसके बाद 12 मामलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जबकि एक पुलिसकर्मी को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा 16 अन्य पुलिसकर्मियों को प्रतिकूल प्रविष्टियां दी गईं है। वहीं 164 पुलिसकर्मियों को निलंबन‚ वित्तीय दंड या अन्य विभागीय कार्रवाई की सजा दी गई है।

साल 2011 में हुई थी 1156 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
इस साल जनवरी‚ 2020 से लापरवाही और दोषपूर्ण जांच के लिए 1,675 पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 531 को उनकी सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टियां दी गई हैं। इसके अलावा 53 पुलिसकर्मियों की सत्यनिष्ठा संदेह के दायरे में होने की वजह से उनको अब फील्ड पोस्टिंग नहीं देने का निर्णय लिया गया है। बीते वर्ष 2019 में इसी तरह 106 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वहीं इससे पहले 2011 में 1,156 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

बिकरु कांड में 40 पर कार्रवाई के लिए सूची हुई तैयार
कानपुर में दो जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ था। इस दौरान गैंगस्टर विकास दुबे व उसके गुर्गों ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने विकास व उसके पांच साथियों को एनकाउंटर में मार गिराया था। जबकि शासन ने जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर दो डिप्टी एसपी और एक एएसपी सहित लगभग 40 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई लंबित है। गैंगस्टर विकास दुबे के खिलाफ लंबित मामलों की जांच में लापरवाही और देरी के लिए इन 40 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।



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उत्तर प्रदेश में बीते वर्ष 2019 में इसी तरह 106 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वहीं इससे पहले 2011 में 1,156 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।


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