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अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर के 1200 खंभों का निर्माण शुरू करने को लेकर तकनीकी विशेषज्ञों का निर्णय अब सीधे मंदिर निर्माण समिति के पास आएगा। समिति ने IIT दिल्ली के पूर्व निदेशक VS राजू की अध्यक्षता में देश के शीर्ष इंजीनियरों और निर्माण विशेषज्ञों की 8 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो मंदिर की नींव रखने से जुड़े कार्यों की निगरानी करेंगे। इसी टीम के निर्णय पर ही मंदिर के नींव के खंभों का निर्माण शुरू होगा।

रिटेनिंग वाल बनाने पर चल रहा मंथन

श्रीराम जन्‍म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्‍य डॉ. अनिल मिश्र ने कहा कि यह निर्णय मंदिर निर्माण समिति का है। विशेषज्ञ टीम 15 दिसंबर तक अपने तकनीकी मंथन का परिणाम समिति को सौंपेगी। फिलहाल मंदिर के पश्चिम व दक्षिण के तरफ गड्ढे की पटाई के साथ रिटेनिंग वाल का निर्माण शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसका निर्माण दिसंबर के अंतिम हफ्ते से शुरू हो सकता है। यह दीवार मंदिर क्षेत्र की मिट्टी के बारिश बाढ़ से बहने से रोकने लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी। मंदिर परिसर में मंदिर स्थल से सटे पश्चिमी व दक्षिणी इलाके में गहरी खाई है। जिसकी पटाई कर मिट्टी को बाढ़ व अन्‍य आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए रिटेनिंग वाल का निर्माण करवाया जा रहा है।

ये हैं विशेषज्ञ समिति के सदस्‍य
राम मंदिर निर्माण समिति ने देश के टॉप इंजीनियरों को टीम में रखा है। इसका टीम का उद्देश्य विभिन्न भू-तकनीकी सुझावों को ध्यान में रखते हुए उच्चतम गुणवत्ता और दीर्घायु के साथ मंदिर का निर्माण करना है।

नाम पद एवं संस्थान समिति में स्थान
प्रोफेसर वीएस राजू पूर्व निदेशक, आईआईटी दिल्ली अध्यक्ष
प्रोफेसर एन गोपालाकृष्णन निदेशक, सीबीआरआई, रुड़की कन्वेयर
प्रोफेसर एसआर गांधी निदेशक, एनआईटी, सूरत- सदस्य
प्रोफेसर टी जी सीताराम निदेशक, आईआईटी, गुवाहाटी सदस्य
प्रोफेसर बी भट्टाचार्जी एमेरिटस- प्रोफेसर, आईआईटी, दिल्ली सदस्य
एपी मुल सलाहकार टीसीई सदस्य
प्रोफेसर प्रदीप्‍ता बनर्जी आईआईटी, मुंबई सदस्य
प्रोफेसर मनु संथानम आईआईटी, मद्रास सदस्य


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यह फोटो अयोध्या में कारसेवकपुरम की है। यहां मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराश कर रखे गए हैं। इन पत्थरों से ही मंदिर का निर्माण किया जाएगा।


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