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उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ जिले के BJP जिलाध्यक्ष ऋषि पाल सिंह और सपा नेता बिजेंद्र सिंह का एक शर्मनाक वीडियो सामने आया है। मौका मातम का था। शहीद CRPF के जवान नेत्रपाल का पार्थिव शरीर घर के दरवाजे पर था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा था। लेकिन समर्थकों व कार्यकर्ताओं से घिरे दोनों नेता ठहाके लगाने में मशगूल थे। दोनों नेता नेत्रपाल के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। वीडियो वायरल होने पर लोग इसे शहीद की शहादत का अपमान बता रहे हैं।

दरअसल, थाना गौंडा के पिसावा गांव निवासी नेत्रपाल सिंह बीते 23 दिसंबर को पाकिस्तान द्वारा फेंके गए ग्रेनेड के हमले में घायल हो गए थे। जहां उनकी श्रीनगर के अस्पताल में छह दिनों के इलाज के बाद 29 दिसंबर को मौत हो गई।

शहीद जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया गया तो कोहराम मच गया।

सूबेदार के पद पर तैनात थे
नेत्रपाल सिंह का जन्म 1971 में हुआ था। वे वर्तमान में श्रीनगर में CRPF 162 बटालियन में सूबेदार के पद पर तैनात थे। बुधवार दोपहर बाद उनका शव दिल्ली से पैतृक गांव लाया गया। शव को देखकर परिवार वालों की आंखें गमगीन हो गई। वहीं ग्रामीणों ने नेत्रपाल अमर रहे के नारे लगाए। यहां 139 बटालियन के कमांडेंट प्रशांत यादव, इंस्पेक्टर विजयपाल सिंह के नेतृत्व में 14 सदस्यों की टीम द्वारा राजकीय सम्मान के साथ जवान को अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया।

नेत्रपाल सिंह वर्तमान में श्रीनगर में CRPF 162 बटालियन में सूबेदार के पद पर तैनात थे।

चार बच्चे व पत्नी को छोड़ गए नेत्रपाल

नेत्रपाल के माता-पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में पत्नी सुमन देवी, बेटे हर्ष व जतिन, बेटी सपना व शिवानी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद के परिवार को 50 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।



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यह फोटो अलीगढ़ की है। इसमें सफेद बाल और सफेद कुर्ता पजामा पहने भाजपा के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल की है। ये शहीद के अंतिम संस्कार पहुंचे मगर अपनी गरिमा को भुला बैठे।


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