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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की बॉर्डर पर डटे किसानों के आंदोलन का आज आज 53वां दिन है। इसी बीच  भारत किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का बयान सामने आया है। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमेटी के सामने नहीं जाएंगे और सरकार को कृषि कानून वापस लेना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा।

बता दें कि किसान और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत होने के बाद भी ये मसला अब तक नहीं सुलझ पाया है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों को लेकर दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए चार सदस्यीय कमेटी के गठन किया था। इसमें कोर्ट ने अशोक गुलाटी, प्रमोद कुमार जोशी, अनिल घनवंत और भूपेंद्र सिंह मान को शामिल किया था। हालांकि किसानों के विरोध के चलते भूपेंद्र सिंह मान ने अपना नाम वापस ले लिया। किसानों का कहना था कि कमेटी के चारों सदस्य पहले से ही कृषि कानूनों के समर्थन में है।

उधर, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का 19 जनवरी की बैठक से पहले बयान सामने आया है। तोमर ने कहा, अधिकांश किसान और विशेषज्ञ कृषि कानूनों के पक्ष में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, कानूनों को लागू नहीं किया जा सकता है। अब हम उम्मीद करते हैं कि किसान 19 जनवरी को कानून पर क्लॉज वाइज चर्चा करेंगे और सरकार को बताएंगे कि वे कानूनों को निरस्त करने के अलावा क्या चाहते हैं?



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Farmers will not go before committee constituted by SC says Rakesh Tikait
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