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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े किसान 56 दिन से  दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बुधवार को किसान संगठनों की सरकार के साथ 10वें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही। हांलाकि सरकार ने किसानों के सामने तीनों कानूनों को होल्ड पर रखने का प्रस्ताव दिया है। इस पर किसान 22 जनवरी को सरकार को जवाब देंगे। इस बीच गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में मार्च के लिए हजारों ट्रेक्टर पंजाब से रवाना हो चुके हैं। यही नहीं किसानों ने दिल्ली रवाना होने से पहले ट्रेक्टर परेड की रिहर्सल भी की। 

किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने बयान जारी कर कहा कि बुधवार को तरनतारन व ब्यास पुल से रणजीत सिंह कलेरबाला, दयाल सिंह व अमरदीप सिंह की अगुवाई में हजारों की संख्या में ट्रैक्टर-ट्रालियों का जत्था दिल्ली रवाना हो गया है। ये सभी गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली करेंगे। पंधेर ने शिमला में किसान नेताओं को गिरफ्तार किए जाने की निंदा की।

केंद्र सरकार की नीयत और नीति दोनों में खोट: कलीवाला
जिला प्रधान इंद्रजीत सिंह कलीवाला ने कहा कि बुधवार को किसान संगठनों के साथ केंद्र सरकार की हो रही बैठक में कृषि कानून संबंधी कोई फैसला नहीं होने वाला है। केंद्र सरकार की नीयत और नीति दोनों में खोट है। उन्होंने शिमला में किसान नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की बौखलाहट साफ नजर आ रही है। 

अबोहर में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च की रिहर्सल की
अबोहर में बुधवार को ट्रैक्टर मार्च निकालकर कृषि कानूनों के खिलाफ 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड की रिहर्सल की गई। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। सुबह करीब 10.30 बजे अलग-अलग गांवों से ट्रैक्टर लेकर आए किसान बुर्जमुहार चौक पर इकट्ठा हुए। इसके बाद ट्रैक्टर मार्च के रूप में पुरानी फाजिल्का रोड से होते हुए शहर में दाखिल हुए। अनाज मंडी में बैठक कर 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड में शामिल होने की रणनीति बनाई। 

SC ने ट्रेक्टर परेड पर रोक लगाने से किया इनकार
बता दें कि बुधवार को आठ किसान यूनियनों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि किसान गणतंत्र दिवस पर सिर्फ दिल्ली के बाहरी रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च निकालना चाहते हैं। यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। सर्वोच्च अदालत ने किसानों की ट्रैक्टर रैली को लेकर कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यह सब दिल्ली पुलिस को तय करने दें।

कृषि मंत्री बोले- 22 जनवरी की बैठक में समाधान की उम्मीद
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा किसानों के साथ 10वें दौर की बैठक के बाद कहा कि बातचीत के कई नरम-गरम दौर हुए। हमारे प्रस्ताव को किसानों ने गंभीरता से लिया है। मुझे लगता है 22 तारीख को समाधान की संभावना है। हमने किसानों को प्रस्ताव इसलिए दिया है, क्योंकि आंदोलन खत्म हो और जो किसान कष्ट में हैं, वो अपने घर जाएं।



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A convoy of farmers in thousands of tractors left for Delhi parade on Republic Day
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