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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रविवार को श्मशान में हुई घटना के संबंध में पुलिस ने मुरादनगर नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी निहारिका सिंह, जूनियर इंजीनियर चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार कर लिया है। अभी ठेकेदार अजय त्यागी फरार है। चारों आरोपियों पर रविवार की शाम पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, भ्रष्टाचार लापरवाही समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज किया था। इस हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है।

मृतक के बेटे ने दर्ज कराया केस
SP देहात ईरज राजा ने बताया कि इस प्रकरण में मुरादनगर थाने में मृतक जयराम के बेटे दीपक ने केस दर्ज कराया है। इस केस में नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी (EO) निहारिका सिंह, JE चंद्रपाल, सुपरवाइजर आशीष और ठेकेदार अजय त्यागी के खिलाफ IPC की धारा 304, 337, 338, 427 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने टीम ने दबिश देकर ठेकेदार अजय त्यागी को छोड़कर अन्य तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आज तीनों को जेल भेजा जाएगा।

60 फीट लंबी गैलरी ढाई महीने पहले बनी थी
बताया जा रहा है कि ढाई महीने पहले श्मशान घाट पर धूप, बारिश से बचाव के लिए 60 फीट लंबी गैलरी बनाई गई थी। इसे बनाते समय क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया। गैलरी के गिरते ही इसे बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री चूरे में तब्दील हो गई। इसका भवन का अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ था। इस हादसे ने अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत की पोल खोली है।

अब तक 25 लोगों की मौत
दरअसल, गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित श्मशान घाट पर कस्बे के फल कारोबारी जयराम (65) का रविवार दोपहर में अंतिम संस्कार किया जा रहा था। अंतिम संस्कार के दौरान सभी लोग गेट से सटी गैलरी में खड़े थे। इसी दौरान गैलरी की छत गिरने से कई लोग दब गए। इनमें 25 की मौत हो गई, 24 घायल हैं। ये सभी बारिश से बचने के लिए छत के नीचे खड़े थे। जिस शख्स का दाह संस्कार चल रहा था, हादसे में उनके एक बेटे की भी मौत हुई है।



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गाजियाबाद के मुरादनगर स्थित श्मशान घाट पर कस्बे के फल कारोबारी जयराम (65) का रविवार दोपहर में अंतिम संस्कार किया जा रहा था। अंतिम संस्कार के दौरान सभी लोग गेट से सटी गैलरी में खड़े थे।


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