बदायूं गैंगरेप मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह को पुलिस देर रात हिरासत में ले लिया और गेस्टहाउस में नजरबंद कर दिया। उन्होंने सीएम योगी को ट्वीट कर कहा कि, मुझे रिहा कीजिए सीएम योगी जी। पुलिस द्वारा नजरबंद करने के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार पर ट्वीट के माध्यम से जमकर निशाना साधा। वहीं सीओ सदर ने नजरबंद करने की पुष्टि की है।
दरअसल बदायूं में गैंगरेप के बाद हत्या की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। सियासत गर्म हो गई, सरकार को घेरने की कोशिश की जाने लगी। बुधवार की देर रात लगभग 11 बजे रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह बदायूं पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जा रहे थे। जैसे वह जनपद शाहजहांपुर में दाखिल तभी पुलिस को भनक लग गई थी। रोजा थाना पुलिस ने उनको हिरासत में लेकर गेस्टहाउस में नजरबंद कर दिया।उसके बाद उन्होंने सीएम योगी को ट्वीट करके जमकर निशाना साधा।
पीड़िता के परिवार से मिलना कोई जुर्म नहीं
उन्होंने सीएम योगी को ट्वीट किया कि, मुझे रिहा कीजिए सीएम योगी जी, मैने कोई गैरकानूनी काम नही किया है, पीड़ित परिवार से मिलना, संवेदना व्यक्त करना इस देश में जुर्म कहलाएगा? पुलिस का दुरुपयोग कर आप लोकतंत्र की हत्या क्यों करना चाहते हैं। मेरी आपसे विनती है कि, मुझे इस कैद से युक्त कर बदायूं जाने दिया जाए।
उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिया है कि, वह बदायूं जाकर पीड़ित परिवार का दर्द बांटना चाहते हैं। शाहजहांपुर पुलिस ने मुझे नजरबंद कर गेस्टहाउस में रखा है, मैं सुरक्षित हूं फिलहाल सरकारी कैद में हूं। उन्होंने आगे लिखा कि, मुझ अकेले के जाने से कानून व्यवस्था कैसे भंग होगी? लोकतंत्र की हत्या है ये।
वहीं सीओ सदर महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि, नजरबंद कर रोजा मंडी में रखा गया है, हालांकि उन्होंने ज्यादा कुछ बोलने से इंकार कर दिया है।
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