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पटना, 24 सितम्बर (आईएएनएस)। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर ऐसे तो राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग धीरे-धीरे परवान चढ़ रही है, लेकिन दूसरी ओर राजनीतिक दल सड़कों पर भी एक नई लड़ाई लड़ रहे है। राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगाने या कटाक्ष करने के लिए पोस्टरों का सहारा ले रहे हैं।

ये पोस्टर पटना की सड़कों के किनारे लगाए जा रहे हैं, जो आने-जाने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बने हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से यहां की सड़कों पर पोस्टर वार जोरों पर है।

पटना की सड़कों पर गुरुवार को जदयू ने एक पोस्टर लगाया है, जिसके जरिए राजद पर जोरदार कटाक्ष किया गया है। पीले रंग की पृष्ठभूमि वाले इस पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर है, जिसमें लिखा गया है, पूरा बिहार, हमारा परिवार। इसी पोस्टर के एक कोने में न्याय के साथ तरक्की, नीतीश की बात पक्की का नारा लिखा हुआ है।

कहा जा रहा है कि इस पोस्टर के जरिए जदयू ने लालू परिवार को निशाना बनाने की कोशिश की है।

इससे पहले शनिवार को पटना की सड़कों पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद के परिवार पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए एक पोस्टर लगाया गया था। एक ऐसा परिवार, जो बिहार पर भार शीर्षक से लगे इन पोस्टरों के सबसे ऊपर राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद को बतौर कैदी दिखाया गया।

पोस्टर के निचले हिस्से में तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव की तस्वीर लगाई जिसे विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तस्वीर पर उन्हें विधानपार्षद और मीसा भारती की तस्वीर पर राज्यसभा सांसद लिखा गया है।

इसके एक दिन बाद ही फिर से लालू प्रसाद और उनके परिवार के लोगों पर नए स्लोगन से पोस्टर से वार किया गया है। लालू प्रसाद और तेजस्वी को लूट एक्सप्रेस का संचालक बताया गया। पोस्टर में एक बस को लूट एक्सप्रेस के तौर पर दिखाया गया है, जिसके अंदर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजप्रताप यादव और मीसा भारती को बैठे हुए दिखाया गया है जबकि लालू और तेजस्वी बस के ऊपर खड़े दिख रहे हैं।

इस पोस्टर के एक छोर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया एक परिवार बिहार पर भार।

इसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए पोस्टर पटना की सड़कों पर चस्पा कर दिए गए।

पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर है। पोस्टर में प्रधानमंत्री को यह कहते दिखाया गया है, नीतीश कुमार के डीएनए में ही गड़बड है। मारते रहे पलटी, नीतीश की हर बात कच्ची।

इसके अलावा एक और पोस्टर लगाया गया है। इस पोस्टर में भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीर है। जिसमें बिहार की जनता को यह बोलते दिखाया गया है कि भाजपा को तो बिहार की जनता विपक्ष में बैठाई थी, फिर आप सत्ता में कैसे पहुंच गए।

हालांकि पोस्टर जारी करने वाले पोस्टर पर अपने नाम का भी उल्लेख नहीं कर रहे हैं।

जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह कहते हैं कि जदयू अपने प्रचार के लिए पोस्टर लगा रहा है। राजद या लालू प्रसाद के परिवार के विरोध में लगाए पोस्टर के विषय में उन्होंने कहा कि यह पोस्टर कौन लगाया है, उन्हें नहीं पता। उन्होंने कहा कि पोस्टर के जरिए चुनाव नहीं जीते जा सकते। पोस्टर लगाकर अगर चुनाव जीते जा सकते, तो कोई बात नहीं।

इधर, राजद के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी पोस्टर से वार कर रही है जबकि लालू प्रसाद को बिहार की जनता दिल में बसाए हुए है। इस चुनाव में ऐसे पोस्टर लगाने वालों को पता चल जाएगा।

एमएनपी-एसकेपी



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Political poster war before Bihar election
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