हाथरस केस में आज सुप्रीम कोर्ट तीन मुद्दों पर अपना अहम फैसला देगा। दरअसल, इससे पूर्व 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार की वकील सीमा कुशवाहा ने मांग रखी थी कि मुकदमे को दिल्ली में ट्रांसफर किया जाए और सीबीआई जांच कोर्ट की निगरानी में हो। वहीं, एक अन्य अधिवक्ता इंदिरा जय सिंह ने परिवार की सुरक्षा केंद्रीय एजेंसी से कराए जाने की मांग की थी। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि संकेत दिया था कि मामले में सीबीआई जांच की निगरानी से लेकर अन्य याचिकाएं इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर की जा सकती हैं।
वहीं हाथरस केस में एक नई याचिका भी दाखिल हुई है। जिसमें कहा गया कि हाथरस केस की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा और रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाई जाए। इस पर भी आज सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकता है।
पीड़ित परिवार व गवाहों को मिली है सुरक्षा
पीड़ित परिवार व गवाहों को यूपी सरकार ने तीन स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई है। गवाहों और पीड़ितों के घर में सीसीटीवी लगाए गए हैं। नाके पर और घर के बाहर पुलिस का पहरा है। इसके अलावा सरकार सीआरपीएफ से भी सुरक्षा व्यवस्था देने के लिए हामी भरी है।
आज अदालत ये तीन अहम निर्णय लेगी
- सीबीआई जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट से हो या हाईकोर्ट से?
- ट्रायल का दिल्ली ट्रांसफर हो या नहीं?
- पीड़ित परिवार और गवाहों को सुरक्षा कौन देगा? यूपी पुलिस या सीआरपीएफ?
क्या है पूरा मामला?
हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को चार लोगों ने 19 साल की दलित युवती से कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। इस प्रकरण में योगी सरकार ने ही सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 11 अक्टूबर को सीबीआई की गाजियाबाद यूनिट ने चंदपा कोतवाली में दर्ज मुकदमे के आधार पर मुख्य आरोपी संदीप पर केस दर्ज किया है। 17 दिनों में अब तक सीबीआई पीड़ित, आरोपियों के परिवार वालों से पूछताछ कर चुकी है।
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