उत्तर प्रदेश के वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञान-वापी मस्जिद प्रकरण में सिविल रिवीजन पर अदालत आज अपना आदेश सुना सकती है। जिला जज यूसी शर्मा ने मंगलवार को अदालत में स्वयंभू विश्वेश्वर के वाद मित्र, अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधिवक्ताओं की बहस सुनी थी। जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड मामले की सुनवाई लखनऊ में चाहता है।
दावा- मस्जिद, ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश
स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर काशी विश्वनाथ के अधिवक्ता व वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने बताया कि इस पूरे मामले में वादी के तौर पर स्वयंभू भगवान विश्वेश्वर काशी विश्वनाथ और दूसरा पक्ष अंजुमन इंतजामियां और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ है। सेंट्रल वक्फ बोर्ड मामले की सुनवाई लखनऊ में चाहता है। विश्वनाथ मंदिर और ज्ञान-वापी के पुरातात्विक सर्वेक्षण को लेकर मुकदमा 1991 से स्थानीय अदालत में चल रहा है। 1991 से दायर मुकदमा में मांग की गई थी कि मस्जिद, ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है। जहां हिंदू आस्थावानों को पूजा-पाठ, दर्शन और मरम्मत का अधिकार है। कोर्ट से ये मांग स्वयंभू ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर के पक्षकार पंडित सोमनाथ व्यास ने किया था। मुकदमे में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद तथा अन्य विपक्षी हैं।
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने जिला जज की अदालत में वाद दाखिल किया था। वक्फ बोर्ड चाहता है कि यह मामला वक्फ ट्रिब्यूनल लखनऊ में चलाया जाए ना कि सिविल जज सीनियर कोर्ट की अदालत में,आज इसी मामले को लेकर आदेश आ सकता है।
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