-->



Theme Layout

Theme Translation

Trending Posts Display

Home Layout Display

Posts Title Display

404

We Are Sorry, Page Not Found

Home Page

हाथरस में दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप और उसकी मौत के बहाने उत्तर प्रदेश में दंगों की साजिश रचने के आरोप में मथुरा से गिरफ्तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) के चारों सदस्यों की आज जिला अदालत में पेशी होगी। दरअसल, CJM कोर्ट ने बीते सोमवार को तीन सदस्यों की जमानत अर्जी खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी थी। इस दौरान पोर्टल पत्रकार केरल के सिद्दीकी कप्पन ने जमानत अर्जी दाखिल नहीं की थी। आज कप्पन की अर्जी भी दाखिल होगी।

अर्जी खारिज होने पर जिला जज की अदालत में पहुंचा मामला

PFI के चारों सदस्यों पर राष्ट्रद्रोह, गैर कानूनी गतिविधि और IT Act की संगीन धाराओं में केस दर्ज है। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। तीन आरोपी अतीकुर्रहमान, आलम और मसूद की जमानत के लिए सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने बीते साेमवार को खारिज कर दिया था। इनमें से चौथे आरोपी पोर्टल पत्रकार केरल के सिद्दीकी कप्पन की जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई थी। CJM कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद तीनों आरोपी अतीकुर्रहमान, आलम और मसूद के अधिवक्ताओं ने जिला जज की कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी। आज चारों PFI एजेंटों की जिला जज की अदालत में पेशी होनी है।

अब गिरफ्तारी मामले की जांच एसटीएफ करेगी
अभी तक PFI सदस्यों की गिरफ्तारी और हाथरस केस की आड़े में जातीय और सांप्रदायिक दंगे कराने की साजिश की जांच अब STF करेगी। अभी तक इस केस की जांच क्राइम ब्रांच कर रही थी, लेकिन बुधवार को गृह मंत्रालय के आदेश पर यह जांच एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को ट्रांसफर कर दी गई है। सीओ क्राइम ब्रांच डीएस चौहान ने इसकी पुष्टि की है। एसटीएफ वेबसाइट के जरिए विदेश से फंडिंग की परतें भी खंगालेगी। हालांकि फंडिंग के केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है। चारों आरोपियों पर राजद्रोह समेत कई धाराओं में केस दर्ज है।

बुधवार को वायनाड में पत्रकार के परिवार से की थी मुलाकात

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने दंगों के आरोपी पत्रकार सिद्दीकी कप्पन के परिवार से मुलाकात की थी। कहा गया कि परिवार ने राहुल गांधी से मदद की मांग की थी। वहीं, मथुरा में सिद्दीकी की जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं पैरवी कर रहे हैं और करीब 7 दिन पहले सिद्दीकी से मुलाकात के लिए अधिवक्ता जेल भी पहुंचे। लेकिन उन्हें सिद्दीकी से नहीं मिलने दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं ने जेल में मुलाकात की परमिशन के लिए CJM कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कोर्ट ने इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं की थी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पांच अक्टूबर की रात पुलिस ने मांट टोल प्लाजा से चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35pyUtI