बढ़ते एयर पोलूशन की वजह से एनजीटी के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत 13 शहरों में इस बार पटाखे जलाने पर रोक लगा दी गई है। मुख्य सचिव आर के तिवारी ने 13 जिलों के निर्देश जारी हुए इस बार दीपावली में बेचने और जलाए जाने पर रोक लगाई गई हैं।
एनसीआर के ज्यादार शहर रहे प्रदूषित, कानपुरनगर भी है शामिल
दिल्ली से सटे पश्चिमी यूपी के जिलों को चिन्हित किया गया है। पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर, आगरा, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा बागपत, बुलंदशहर, शामिल है। इसके अलावा
वाराणसी, कानपुर नगर, लखनऊ, शामिल हैं। बीते एक सप्ताह से मुजफ्फरनगर में 201 से 301 एक्यूआई प्रदूषण रहा इसके अलावा आगरा वाराणसी मेरठ हापुर मैं 301 से 400 तक एक एक्यूआई तापमान रहा। इसके साथ गाजियाबाद कानपुर लखनऊ मुरादाबाद नोएडा ग्रेटर नोएडा बागपत बुलंदशहर में सबसे ज्यादा पोलूशन शहर रहा जो 401 एक्यूआई नापा गया है।
एनजीटी के जारी आदेश के अनुपालन में यूपी सरकार ने दिये निर्देश
उत्तर प्रदेश सरकार ने आतिशबाजी फायरक्रैकर्स की बिक्री व प्रयोग पर एनजीटी के न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन करने एवं दीपावली मनाने के लेकर आज की नई तकनीक का प्रयोग किए जाने के बढ़ावा दी जाने के निर्देश जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इस संबंध में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त पुलिस आयुक्त लखनऊ एवं गौतम बुद्ध नगर के कमिश्नर व सभी डीएम एसएसपी को एनजीटी के आदेशों के पालन के संबंध में निर्देश जारी किया है। शासन ने जारी निर्देश में कहा है कि जिन जनपदों में एक्यूआई मॉडरेट वह उस से बेहतर है। केवल ग्रीन क्रैकर्स बेचे जाएं। एनजीटी न्यायालय के वर्तमान एवं पूर्व के निर्देशों का पालन करते हुए इनको बेचा उपयोग किया जाएगा। इन जनपदों में दीपावली को मनाने के लिए ग्रीन कहकर और डिस्प्ले के जरिये आज की नई तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। जिन शहरों को एनजीटी न्यायालय ने प्रतिबंधित किया है उन शहरों में किसी भी तरीके का पटाखे नहीं जलाए जाएंगे।
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