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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में शुक्रवार को सीजन का पहला घना कोहरा दिखाई दिया। इससे लोगों को आवागमन में काफी मुश्किल हुई। कोहरा इतना घना था कि चंद कदम की दूरी पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। हाइवे पर वाहन कोहरे के कारण रेंगते नजर आए। गुरुवार को मुजफ्फरनगर मसूरी से भी ठंडा रहा। मसूरी के 9 डिग्री सेल्सियस की तुलना में यहां का पारा न्यूनतम 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि मेरठ में 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

अचानक मौसम ने ली करवट

मौसम में शुक्रवार सुबह से ही बदलाव देखने को मिला। गुरुवार को जहां दिन में मौसम सामान्य था, ठंड का अहसास कम था, वहीं देर रात अचानक आए कोहरे के साथ ही तापमान में गिरावट आनी शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह हर तरफ कोहरा छाया दिखा। कोहरा इतना घना था कि कालोनियों के अंदर भी चंद कदम दूर का भी दिखाई नहीं दे रहा था। वाहनों को दिन में ही लाइट जलाकर आगे बढ़ना पड़ रहा था। मौसम में आए इस बदलाव के साथ ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होने की बात कही गई है।

सर्दी का दौर शुरू, लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता

सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. यूपी शाही का कहना है कि ठंड का दौर शुरू हो चुका है। मैदानी इलाकों में आगे सर्द हवाएं चलने से तापमान में और गिरावट आएगी जिस कारण ठंड का अहसास और अधिक बढ़ जाएगा। गुरुवार रात का न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि इससे पहले यह 9.5 डिग्री सेल्सियस था। कोहरा​ छाए रहने का असर जनजीवन पर भी असर दिखाई देगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कड़ाके की सर्दी का दौर शुरू हो चुका है, ऐसे में ठंड से बचने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है।



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यह फोटो मेरठ की है। शुक्रवार सुबह यहां वातावरण में घना कोहरा छाया रहा। इससे दृश्यता भी काफी कम रही।


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