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भारत ने मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया। कोलकाता में भारत और बांग्लादेश के बीच पहले डे नाइट टेस्ट के लिए पिच तैयार करने वाले क्यूरेटर सुजान मुखर्जी का मानना है कि टीम इंडिया संतुलित है। इसमें दुनिया के बेहतर पेसर, स्पिनर्स और बल्लेबाज है। ऐसे में एडिलेड में देश के बाहर पहले डे नाइट मैच में टीम इंडिया कुछ चीजों पर ध्यान देकर वे किसी भी तरह की विकेट पर ऑस्ट्रेलिया को चुनौती दे सकते हैं।

मुखर्जी ने बताया कि पिंक बॉल और रेड बॉल की बनावट अलग होती है, जिस वजह से गेंदबाजों को गेंद को बाउंस और स्विंग कराने में दिक्कत नहीं होती है। दूसरी ओर बल्लेबाजी के दौरान शुरुआती ओवर में बल्लेबाजों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय ओपनर्स को शुरुआती ओवर में संभलकर खेलना होगा। वहीं गेंदबाजी के दौरान भी भारतीय गेंदबाज को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। क्योंकि बाउंस और स्विंग ज्यादा होगी, तो उन्हें सही जगह पर पिच करने की जरूरत होगी। वहीं लाइट के जलने पर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पिंक बॉल से ज्यादा अभ्यास का मिला मौका

सुजान ने कहा कि कोलकाता में हुए डे नाइट मैच और एडिलेड में होने वाले डे नाइट मैच की परिस्थितियों में अंतर है। कोलकाता डे नाइट मैच से पहले उन्हें प्रैक्टिस करने के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाया था। टीम के किसी भी खिलाड़ी के पास पिंक बॉल से खेलने का अनुभव नहीं था। टीम इंडिया 2-3 दिन ही अभ्यास कर सकी थी। वहीं एडिलेड से पहले भारतीय टीम को पिंक बॉल में अभ्यास का मौका मिल चुका है। भारतीय खिलाड़ियों को एडिलेड में तालमेल बैठाने में दिक्कत नहीं होगी।

एसजी और कुकाबोरा पिंक बॉल स्विंग ज्यादा होती है

मुखर्जी ने बताया कि कोलकाता डे नाइट मैच में एसजी के पिंक बॉल का इस्तेमाल किया गया था। वहीं ऑस्ट्रेलिया में कुकाबोरा का पिंक बॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों पिंक के बॉल की बनावट में थोड़ी अंतर है। लेकिन दोनों ही लाल गेंद की अपेक्षा ज्यादा वजन की होती है और स्विंग करेगी। हालांकि सभी चीजें पिच पर डिपेंड करेंगी।

विकेट जैसी भी हो, टीम इंडिया को लाभ

ऑस्ट्रेलिया का विकेट हार्ड होता है तो भारतीय खिलाड़ियों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। अगर एडिलेड में विकेट पेसर को ध्यान में रखकर तैयार की गई है तो भी इसका फायदा टीम इंडिया को मिलेगा। अगर बैटिंग पिच है, तब भी टीम इंडिया फायदेमंद में रहेगी।

कोहली, पुजारा और रहाणे रन बनाने में होंगे सफल

टीम इंडिया के पास विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अंजिक्य रहाणे जैसे बेहतर बल्लबाजों की लाइनअप है। शुरुआती ओवर खेलने के बाद ये खिलाड़ी टीम के लिए रन बना सकते हैं। वहीं बॉलर को ध्यान में रखकर विकेट तैयार किया जाता है तो भी अपने पेसर्स को फायदा होगा। अभी हमारे पेसर्स टीम की रीढ़ हैं।

टीम इंडिया के गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को दे सकते हैं चुनौती

जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे बेहतर तेज गेंदबाज हैं।वहीं पिच में जल्दी दरार आती है और पिच अगर स्पिनर्स के लिए मददगार होगी, तो भी हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमें ऑस्ट्रेलिया की अपेक्षा ज्यादा फायदा मिलेगी। ऑस्ट्रेलिया के पास एडम जम्पा ही है। वहीं कुलदीप यादव और आर अश्विन जैसे स्पिनर्स हमारे पास हैं। इनके आलवा टीम में शामिल कुछ बल्लेबाज भी जरूरत पड़ने पर टीम के लिए गेंदबाजी कर सकते हैं।

20-25 ओवर के बाद गेंद की चमक हो जाएगी खत्म
मुखर्जी ने बताया कि इस बार कोरोना की वजह से लार का इस्तेमाल पर बैन है। ऐसे में अगर बल्लेबाज शॉट खेलते हैं तो 20 -25 ओवर के बाद इसकी चमक जाने लगेगी और गेंदबाजों को लिए चुनौती होगी। हालांकि कोलकाता का मैच ढाई दिन में खत्म हो गया था। मैने गेंद देखा था। गेंद पुरानी हो चुकी थी, उसकी चमक खत्म हो चुकी थी।
टीम इंडिया के पास एक डे नाइट मैच खेलने का अनुभव है
टीम इंडिया के पास बांग्लादेश के खिलाफ ही डे नाइट टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है। इस मैच में टीम इंडिया ने बांग्लादेश को एक पारी और 46 रन से हराया था। वहीं एडिलेड में मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ देश के बाहर पहला डे नाइट टेस्ट मैच होगा। जबकि दूसरी ओर टीम इंडिया के मुकाबले ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 7 डे नाइट मैच खेले हैं। सभी में उसे जीत मिली है। इनमें चार मैच अपने देश में और तीन ऑस्ट्रेलिया के बाहर खेले हैं।



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टीम इंडिया ने साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेजबान टीम से टेस्ट सीरीज को 2-1 से जीता था।


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