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पाकिस्तान की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर है। न्यूजीलैंड ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज में1-0 की बढ़त ले ली है। पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को 101 रन से हराया। दूसरा टेस्ट 3 जनवरी से खेला जाना है। पाकिस्तान के पहले टेस्ट में हार के बाद कमेंटेटर और पूर्व खिलाड़ी आमिर सोहेल ने कहा है कि कोच का काम केवल खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन पर ताली बजाना या शाबासी देना नहीं है। बल्कि खिलाड़ियों की कमियों को दूर करना भी है।

नए खिलाड़ियों को खराब प्रदर्शन के बाद बिना कारण बताए हटा दिया जाता है

सोहेल ने कहा - नए खिलाड़ियों को कुछ मैच में खराब प्रदर्शन करने के बाद ही उन्हें हटा दिया जाता है। उन्हें यह नहीं बताया जाता कि उनमें क्या कमी है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले गेंदबाज मोहम्मद आमिर को भी टीम से ड्रॉप किए जाने के कारणों के बारे में नहीं बताया गया। सपोर्ट स्टाफ की ओर से उसकी कमियों को दूर करने के लिए क्या किया गया? ताली और शाबासी देने के लिए कोच को रखने की जरूरत नहीं है। उनके जगह पर तो कुछ आदमियों को रख लेना चाहिए, जो खिलाड़ियों के आस- पास रहें और खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन करने पर उत्साह बढ़ाएं और ताली बाजाएं। मुझे उम्मीद है कि इससे बोर्ड के खर्च में भी कमी आएगी।

PSL से टेस्ट के लिए टीम चयन गलत
इस पूर्व दिग्गज ने कहा कि वर्तमान में हमारी समस्या है कि हम टेस्ट टीम का चयन टी-20 के प्रदर्शन और उनके स्ट्राइक रेट के आधार पर कर रहे हैं। हम टेस्ट के लिए अच्छे बल्लेबाजों का चयन पाकिस्तान सुपर लीग (PSL)से कैसे कर सकते हैं। टेस्ट में तो ऐसे बल्लेबाज चाहिए जो न केवल अनुभवी हाे, बल्कि तकनीक भी बेहतर हो। साथ ही मानसिक रूप से भी मजबूत हो। वह हर दिन के जरूरत के मुताबिक बैटिंग कर सके। लंबे समय तक क्रीज पर समय बिता सके।
टी-20 के आधार पर पांच दिन फॉर्मेट के लिए खिलाड़ियों का चयन सही नहीं है। टेस्ट के लिए हमें टेस्ट बल्लेबाजों का चयन करना चाहिए। हमें चार दिवसीय घरेलू टूर्नामेंट में प्रदर्शन करने वाले साउद शकील, उस्मान सलाउद्दीन और मोहम्मद साद जैसे बल्लेबाज चाहिए। मुझे विश्वास है कि मोहम्मद वसीम नेशनल टीम में इन सब चीजों को ध्यान में रखकर टीम का चयन करेंगे।

टीम के खराब प्रदर्शन के लिए मिस्बाह उल हक को दोष देना ठीक नहीं

सोहेल ने कहा कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए मिस्बाह-उल-हक को दोषी ठहराना ठीक नहीं है। दोषी तो वे लोग हैं जिन्होंने उन्हें नियुक्त किया है। पीसीबी को कोच के चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना चाहिए। मैं निष्पक्ष रूप से मांग करता हूं कि मिस्बाह को अपने को साबित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। वे काम को सीख रहे हैं और ईमानदारी से करने की कोशिश कर रहे हैं।

मेरा मानना है कि पूर्व खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेटरों को ट्रेनिंग देने के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए। वे वहां पर बेहतर करते हैं, तो उन्हें पाकिस्तान के अंडर -19 टीम का कोच नियुक्त किया जाना चाहिए। उसके बाद उन्हें पाकिस्तान के मुख्य टीम का जिम्मा दिया जाना चाहिए।



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पाकिस्तान टीम के चीफ कोच मिस्बाह-उल-हक और बॉलिंग कोच वकार यूनिस टीम के कप्तान बाबर आजम के साथ। पूर्व खिलाड़ी आमिर सोहेल ने दोनों पर तंज कसा और कहा है कि कोच का काम ताली बजाना और खिलाड़ी को शाबासी देना ही नहीं है।


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