उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप और मौत के मामले में एसआईटी जांच कर रही है। इस बीच, चर्चा है कि जांच एजेंसियों के निशाने पर जबलपुर की एक महिला एक्टिविस्ट आ गई है। यह महिला 16 सितंबर से पीड़ित के परिवार का हिस्सा बनकर रह रही थी। फिलहाल, पुलिस अधिकारी मामले को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि महिला ने चेहरा ढककर परिवार की सदस्य बनकर कई न्यूज चैनलों को इंटरव्यू दिया था। इसमें उसने कई भड़काऊ बातें कही थीं। गांव वालों को भी फर्जी अफवाहों से भड़काया था। पुलिस के जांच शुरू करते ही वह लापता हो गई। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पीड़ित की भाभी बोलीं- जबलपुर की रिश्तेदार है
हालांकि, इस संबंध में पीड़ित की भाभी ने बताया कि महिला का नाम राजकुमारी है। यह जबलपुर की रहने वाली है। उसका एक बच्चा है। दूर की रिश्तेदार है। घटना के बाद से ही रिश्तेदार दूर-दूर से आ रहे हैं। वह भी आई थी। बाद में चली गई।
एसआईटी की जांच में महिला पर हुआ शक
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी जांच में सामने आया कि 16 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक पीड़ित के घर में रहकर महिला एक्टिविस्ट बड़ी साजिश रच रही थी। महिला एक्टिविस्ट घूंघट ओढ़कर पुलिस और एसआईटी से बातचीत कर रही थी। घटना के 2 दिन बाद से ही संदिग्ध महिला एक्टिविस्ट पीड़ित के गांव पहुंच गई थी। चर्चा है कि पीड़ित के ही घर में रहकर वह परिवार के लोगों को कथित रूप से भड़का रही थी।
क्या है पूरा मामला?
हाथरस में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था।
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